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संडीला निर्माता कौन है

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सन 1030 ई० में  सैयद सालार मसूद गाजी भारत को लूटने और यहां  इस्लाम धर्म को स्थापित करने के उद्वेश्य से  संपूर्ण भारत को जीतते हुए ये कसमंडी जा पहुंचा कसमंडी में  राजा कंस पासी के सेनाओं और मसूद गाजी के बीच भीषड़ युद्ध हुआ जिसमें सैयद सालार मसूद गाजी के सेनापति हातिम और खातिम मारे गए इस युद्ध में राजा कंश पासी भी वीर गति को प्राप्त हुए  लेखक पद्म श्री योगेश परवीन लिखते पुस्तक लखनऊ के  मोहल्ले और उनकी शान में कंश राज से कसमंडी  मल्लराज से मलिहाबाद  और सल्लराज से संडीला की आबादी आबाद हुई सैयद सालार मसूद गाजी से इन्हीं राजपसियो का सन 1030 मुकाबला हुआ था ! #राजा #कंस #पासी के #दो #बेटे #सलाहिय #मलहिया जो वह किसी तरह बच निकले वह संडीला और मलिहाबाद में स्थापित हो गए  सलाहिय पासी ने हरदोई में संडीला की स्थापना की और मलहिय पासी ने मलीहाबाद की स्थापना की और यहां से शासन सत्ता की बाग़ डोर उन्होंने पुनः अपने हाथों में ले ली योगेश परवीन  अपना लखनऊ में उल्लेख करते है  लखनऊ मलिहाबाद के रजपासियों के बनाए तीर  सारे भारत में मागे जाते थे। इन माह...

महाराजा तिलोक चंद और सलिहा पासी का इतिहास अरख जाति के प्रमाण

नमस्कार दोस्तो यह लेख लिखने का  मकसद किसी की भावनाओ  को आहत करना वा किसी को नीचा दिखाना बिल्कुल नही है समाज में हो रही भ्रांतियों को दूर करना वा समाज को  प्रमाणों के साथ उनका सही इतिहास बताना है यह जानकारी अंग्रेजो द्वारा लिखे गए गजेतियार्स फील्ड इंवेस्टी गेशन सर्वे वा साहित्यकारों द्वारा लिखी गई किताबो पर आधारित है  इस वीडियो के माध्यम से अरख और पासी जाति के बीच हो रही गलत फहमी को दूर करना है तो सबसे पहले महाराजा तिलोक चन्द के बारे में जानना बहुत जरूरी है महाराजा तिलोक चन्द का शासन लगभग 918 ई. में  बहराइच क्षेत्र में था दिल्ली के राजा बिक्रमपाल के खिलाफ एक शक्तिशाली सेना का  गठन किया और विशाल सेना लेकर इंद्रप्रस्थ दिल्ली पर हमला किया और विक्रम पाल को हराकर दिल्ली पर अपना राज्य स्थापित किया दिल्ली से पूरे देश पर शासन किया  ================================ Report of the laind revenue settlement of tha Lucknow district  में कहा जाता है कि तिलोक चंद सूर्य के उपासक थे और बराइच के पास उनके सम्मान में एक सूर्य मंदिर  बनवाया जिसे बालार्क कहा जाता है...

पासी जाति से टूट कर बनी जातिया#bhar_khatik_arakh_subcast_of_pasi

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पासी जाति की उपजाति वीडियो देखने के लिए लिंक पर किलिक करे  https://youtu.be/xvdZnwpDaVs #पासी_जाति_से_टूट_कर_अलग_हुई_जातिया #टूटी_हुई_उपजातियां #पासी_राजभर_अरख_खटिक_जाति नमस्कार दोस्तों एक बार आपका फिर से स्वागत है दोस्तों पासी जाति के इतिहास के बारे में मै आपको कोई न कोई जानकारी देता रहता हूं दोस्तों ऐसी ही आज आपके सामने जानकारी लेकर आया हु #पासी_जाति_के_उप_जातियों के बारे में  दोस्तों बात की जाय भारत की तो भारत जातियो का देश है  भारत पहले जातियों में बटा है फिर वह जातिया उपजातियों में  बटी है फिर वह उपजातियां भी उपजातियों में बटी है  ___________________________ जहाँ कुछ जातिया अपने इतिहास को जानकर  अपने पूर्वजो पर गर्व करती है  यहाँ तक चमार जाति के लोग भी अपने पूर्वजो का इतिहास जानकर अपनी जाति पर गर्व करते है और इसी कारण दा ग्रेट चमार का मिशन भी चला रहे है जितनी भी चमार ग्रुप की उपजातियां थी घसिया झुसिया मोची जाटव  यह सभी जातिया चमार लिख कर एक हो गयी और इस कारण वहः आज सत्ता की दहलीज तक पहुच गयी  है और इसी तरह यादव कास्ट की जितनी भी उपजातीया...

राजा रामपाल पासी का इतिहास

 दोस्तो आप सभी के बीच एक रोचक जानकारी लेकर आया हूं साथियों चक्रवाती सम्राट महाराजा सातन पासी को तो आप जानते होंगे क्या आप जानते हो उनका नन्हिहाल कहां का था तो जानते है उनके नन्हिहल के बारे में *हसनगंज* से उत्तर लगभग 20 किलो मीटर पर एक मध्यकालीन टीला मौजूद है इस टिल्ले के पूरब *करौंदी* पश्चिम में *कैथन* खेड़ा दक्षिण में *रामपुर* और *जवन* है   इस टिले के चारो तरफ झील बनी हुई थी वर्तमान में झील समाप्त हो गई है महाराजा सातन पासी की माता जी का मायका इसी क्षेत्र का बताया जाता है ऐसा प्रतीत होता है की यह किला महाराजा सातन पासी के नाना के द्वारा निर्मित किया गया था आज भी यह किला टीले के रूप में रामपुर में मौजूद है। इस टिले पर वर्तमान में एक गौशाला निर्मित है  इस क्षेत्र में *महाराजा सातन पासी* के सहयोगी राजा और जयचंद के गंजार युद्ध अभियान में आल्हा ऊदल से भयंकर युद्ध हुआ था  भीषण रक्त पात के बावजूद इस क्षेत्र को पासियो से जीत नही पाए आज भी इस क्षेत्र में खुदाई के वक्त बड़ी मात्रा में पुरानी हड्डियां निकलती है।  _____________________________________ साथियों गांजर ...

राजा बेल्हा पासी का इतिहास,,

प्रतापगढ़ के किवदंतियों में महाराजा बहला पासी को बेल्हा पासी के नाम से जाना जाता है """""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""" साथियों सबसे पहले मै आपको बता देना चाहता हुं 12वि सदी से 13 वी सदी के मध्य तक प्रतापगढ़ वा उससे सटे हुए क्षेत्र में कई पासी राजा राज्य कर रहे थे जो हुंडौर के पासी राजा के नेतृत्व में अपना अपना राज्य चला रहे थे इसका जिक्र """""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""""...

जरायम एक्ट पेसा कानून (Criminal tribe act)

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#क्रिमनल_ट्राइब_एक्ट (जरायम एक्ट पेसा कानून) क्या है अपराध सील जातिया| आज हम बात करेंगे कि अछूत दलित कौन है? और यह लोग दलित कैसे बन गए?  इसकी शुरुआत होती है अंग्रेजों की एक साजिश से।  जिसका नाम है, क्रिमिनल_ट्राइब्स_एक्ट 1871, यदि मैं कहूं ,आपकी पूरी जाति को 80 साल मतलब 3 पीढ़ियों के लिए सामाजिक ढांचे से अलग कर दिया जाए। आपको बहिस्कृत कर दिया जाए तो आपका क्या होगा?  आप आज के दलित बन जाएंगे। अंग्रेजो ने यही किया ।  अंग्रेजों ने 1871 से 1952 तक 200 से अधिक जातियों के 4 करोङ से अधिक लोगों को अपराधी का ठप्पा लगा दिया। और उन्हें समाजिक ढांचे से विमुक्त कर दिया। ये कोई फिल्म की कहानी नहीं बल्कि हकीकत है। ये उन्हीं जातियों के लोग है जो आज खुद को दलित कहते है। इन जातियों के  पूरे समूह को अपराधी घोषित कर दिया गया। इन जातियों के लोग अंग्रेजी प्रशासन की आज्ञा के बिना अपने क्षेत्र से बाहर नही जा सकते थे इन्हें प्रशासन की नज़र में ही रहना पड़ता था। जिससे ये अन्य समाज से धीरे-धीरे अलग होते चले गए। 80 साल का वक़्त मतलब तीन पीढ़ी । जो किसी भी समाज की सभ्यता संस्क्रति औ...

नमस्कार गूगल

नमस्कार गूगल मै रघुनाथ कुमार भारशिव पासी राजवंश ब्लॉग राइटर  मेरा ब्लॉग अनपब्लिक हो गया है जिस कारण मेरे दर्शको को पढ़ने में दिक्कत हो रही है कृपया मेरे ब्लॉग को पब्लिक किया जाय धन्यवाद