#वीरांगना_ऊदा_देवी_की_जयंती_और_उनका_इतिहास
वीरांगना ऊदा देवी की जयंती को लेकर सामाजिक संगठनों के बीच खींचा तानी क्यूं ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, सच" क्या है सच्चाई तो ये है कि समाज के किसी भी बड़े राजनेता ने चाहे वो कांग्रेसी नेता धर्म वीर भारती हो। या फिर बहुजन विचारधारा को बढ़ावा देने वाले नेता राम समूझ पासी हो। या फिर आरके चौधरी हो। इन सभी बड़े नेताओं के द्वारा कभी भी वीरांगना ऊदादेवी पासी की जयंती 30 जून को मनाई ही नही गई नेताओ द्वारा विरागना ऊदादेवी की जयंती न मनाने तक तो ठीक था। लेकिन तमाम पासी जाति के सामाजिक इतिहासकार चाहे वो। इतिहासकार राजकुमार पासी हो। या फिर इतिहासकार आर डी रावत निर्मोही हो। या फिर इतिहासकार के०के० रावत हो। या फिर इतिहासकार रामदयाल वर्मा जी हो। या कोई अन्य इतिहासकार हो इन सभी लेखकों के द्वारा समाज के उनके छुपे हुए इतिहास को साक्ष्यों के आधार पर अपनी अपनी किताबों में उल्लेख कर समाज को सही इतिहास से प्रचित कराया गया लेकिन किसी भी लेखक ने किसी भी पुस्तक में वीरांगना ऊदादेवी पासी की जयंती 30 जून को नही लिखी गई इससे यह साबित होता है की वीरांगना ऊदा देवी क...