*अवध उन्नाव क्षेत्र के भरपासियो का वर्चस्व और उनका गौरव पूर्ण इतिहास*
पासी समाज के इतिहास को निरंतर सरकार वा इतिहासकारो द्वारा छुपाया गया पासियो का इतिहास भी अगर कहीं लिखा हुआ है तो वह सिर्फ राजपूतों के इतिहास को उजागर करने के उद्देश्य से लिखा गया जो हमलावर राजपूत थे उन्हे नायक के रूप में दर्शाया गया है और स्थानीय निवासी पासी जाति को लुटेरा डाकू कहकर सम्बोधित किया गया है यह निंदनीय है (Distic gazetteer ) के अनुसार The family of Rampur - Bichauli or Nandauli belongs to the Bais clan and is said to have been founded by one Dudu Rai of Mainpuri , who , when passing through the pargana at the head of a bridal party , on his way to Itaunja , some seven hundred years ago , was attacked and robbed by the Bhars . He returned with an armed force and defeated the Bhar (Pasi ) *रामपुर-बछौली और नंदौली* का राजपूतों का परिवार बैस कबीले से संबंधित है और कहा जाता है कि इस क्षेत्र में बैंस राजपूतों की स्थापना मैनपुरी के दूदू राय ने की थी,जो एक दुल्हन की डोली लेकर अपने सैनिकों के साथ मुखिया के रूप में परगना से गुजरते समय इटौंजा जा रहे थे, लगभग सात सौ साल ...