उत्तर प्रदेश की 17 उपजातियां किस आधार पर अनुसूचित जाति का दर्जा मांग रही थी
साथियों जब 17 उपजातियां अपने एक समान कुल या वंश वा समान पेसे वाली मूल जाति से जुड़ने वा अनुसूचित जाति में आने के लिए आवाज़ उठा रही थी तब साथियों लगभग सभी जातियों ने सरकार को अपने अपने जातिय संगठन के लैटर पैड के माध्यम से अवगत कराया था दोस्तो यह 17 उपजातियां किस आधार पर अनुसूचित जाति में आने के लिए आवाज़ उठा रही थी तो साथियों संजय निषाद जी ने अपने लैटर पैड के माध्यम से बताया था भारत के संविधान का अनुच्छेद 341 दोस्तो भारत के संविधान का अनुच्छेद 341 के खंड 1 के बारे में भी जान लेते है आर्टिकल 341 कहता है यदि कोई जाति अनुसूचित जाति में है और उस क्षेत्र में उससे समंधित कोई जाति या उपजाति है जिसका मूल सिद्धांत या पेसा उसकी मूल जाति से समंधित है या उसकी उपजाति हो उसे भी अनुसूचित जाति का ही समझा जायेगा यह आदेश है संविधान के अनुच्छेद 341 का इसी अनुच्छेद 341 के कारण वह सभी जातियां अपने अपने स्थार पर सरकार से अपनी मूल जाति से जुड़ने के लिए अनुसूचित जाति में आने के लिए लड़ रही थी लेकिन सरकार इनकी बातों पर ध्यान नहीं देती है फिर यही 17 उपजातियां एक साथ...