पासी जाति के उपनाम । पासी जाति की उपजाति।
पासी जाति के प्रमुख उप नाम,,,,, ,,,,,,,,,,,,,,,,,, भारत वर्ष के धर्माधारित और वर्णाधिरित समाज में जातियों का जमघट विदेशी विद्वानों के लिए एक अलग ही अजूबा बना रहा,फिर हर जाति ने अपनी कम से सात उप जातियां भी खोज निकाली। अब उनके उप नाम, से जाति पहचान करना और भी कठिन हो गया है क्योंकि एक उप नाम कयी जातियों में सार्वभौमिक भी है जैसे सिंह ,वर्मा, चौधरी रावत आदि आदि विविधता मूलक हैं।उप नाम चाभी के गुच्छे के समान होता है जो जाति के ताले को सुरक्षा देकर सुगमता से खोल सकता है। यहां पर पासी जाति के कुछ उप नामों की संक्षिप्त चर्चा करने का यत्न करेगे ,,, राजवंशी,,,, यह उपजाति पासी जाति की प्राचीनता को प्रदर्शित करती है और भारशिव के साथ शासन कर्ता के रुप में राजकीय श्रंखला से भी जुड़ी हुई है।शाह जहां पुर, सीतापुर हरदोई में अधिक प्रचलित हैं। रावत,,,, यह उपजाति भी है उपनाम भी है,पासी समाज की यह उपाधि लखनऊ बाराबंकी उन्नाव में अधिक प्रचलित है इसका अर्थ सरदार होता है।अन्य जाति के लोग भी इस उप नाम का प्रयोग करते पाए जाते हैं। भार्गव,,,,, यह सरनेम या उप नाम लख...