बहरेलिया डीह पर कभी था पासी शासन
बहरेलिया डीह का इत्तिहास लोकल कीव दंती व अन्य लेखको के अनुसार बहरेलिया डीह का इत्तिहास बहुत महत्व पूर्ण है लगभग 600 वर्ष पहले राजपूतों के आने से पहले यहां पासी जाति का शासन था अकबर ने भी पहले के शासकों के तरह पासियो का विनाश जारी रखा , पठानों ने इस जगह को पासियो को परास्त करके छीन लिया आगे चलकर पठानों का सरगना जिसका नाम अवर खान था उसने अकबर से विद्रोह कर और कर देना बंद कर दिया, उसके विरोध को दबाने के लिए अकबर ने एक राजपूत रिसालदार राजा बरम बली सिंह को नियुक्त किया जिसने पठानो को हरा दिया, आगे यही क्षेत्र अकबर ने राजा बरम बली सिंह को सौंप दिया , यह तालाब पठान शासक के द्वारा बनवाया गया था आज भी लोगो की स्मृति में इस ऊंचे डीह को पठान का तालाब कहते है ' स्थनीय किदवंती यह कहती है की राजपूतों ने स्थानीय पासियो को मिलाकर इस पठान शासक का वध किया , इस क्षेत्र में आज भी पासियो की आबादी ज्यादा है जो अतीत में झांकने पर विवश करती है